Hindi News Portal
धर्म

शिरडी मै बाबा के मन्दिर मै भक्तो के चलने से बनेगी बिजली से रोशन होगा मंदिर

शिर्डी का प्रसिद्ध साईंबाबा मंदिर मै प्रतिदिन हजारो की संख्या मै दर्शन के लिये आते है और जिससे वहा पर जलने वाली बिजली की खपत बहुत ही अधिक होती है । परंतु मन्दिर का कामकाज देखने वाला शिर्डी के ट्रस्ट ने इस ने मदिंर मै होने वाली सरकारी बिजली की खपत कम कर मदिंर से ही बिजली उत्पन करने का ट्रस्ट ने अनोखा तरीका निकाला है ट्रस्ट एक नवीन तरीके पर काम करने जा रहा है वह है श्रद्धालुओं की पद-ऊर्जा का इस्तेमाल कर उससे बिजली पैदा करेगा । अगले वर्ष होने वाले साईंबाबा समाधि शताब्दी समारोह से पहले कई परियोजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए श्री साईंबाबा संस्थान न्यास (एसएसएसटी) के अध्यक्ष सुरेश हवारे ने गुरुवार (1 जून) को संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि प्रस्तावित परियोजना के तहत मंदिर में ऊर्जा पैडल लगाए जाएंगे। साईबाबा का यह मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है।
50,000 से 70,000 तक श्रद्धालु प्रतिदिन मंदिर में दर्शन करने आते हैं। हवारे ने संवाददाताओं से कहा, कई बार यह संख्या 1लाख तक पहुच जाती है । हम उन भक्तो के चलने से उर्जा पैदा करगे उसके लिये मदिंर मै ऊर्जा पैडल लगाएंगे, जो भक्तो के चलने पर पैडल दबेंगे और फिर वापस सामान्य हो जाएंगे। इससे ऊर्जा उत्पन्न होगी। चलने से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा बिजली में बदली जाएगी। इस तरह पैदा होने वाली बिजली से मंदिर क्षेत्र में बल्ब जलेंगे और पंखे चलेंगे।’’
उन्होंने कहा कि न्यास परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रहा है। न्यास ने जिन परियोजनाओं की घोषणा की है उनमें आदिवासी तथा वंचित तबके के बच्चों के लिए आईएसएस प्रशिक्षण अकादमी शुरू करना, कैंसर अस्पताल स्थापित करना, ठोस कचरे से ऊर्जा उत्पादन, प्रतिदिन रक्तदान शिविर लगाना शामिल है। एक से 18 अक्टूबर के बीच आयोजित होने वाले ‘समाधि शताब्दी महोत्सव’ में इनका आयोजन किया जाएगा। प्रबंधन समिति ने आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की महिलाओं और छात्रों को मदद करने का भी फैसला लिया है।
बता दें कि पश्चिमी भारत के शिरडी साईं बाबा मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यहां की खास बात ये है कि मंदिर में बने किचन को सोलर एनर्जी के इस्तेमाल से चलाया जाता है। माना जाता है कि साईं के प्रसादालय में साई से सेहतमंद होने की प्रार्थना कर भोजन करने से सेहत में सुधार होता है। हर रोज हजारों श्रद्धालु मुफ्त में यहां का बना खाना खाते हैं।
यहां काम करने वाले एक कर्मचारी के मुताबिक, कई बार एक दिन में 70-80 हजार लोग एक बार में खाना खाते हैं। जो अपने आप मै अविश्नीय है साईं बाबा के सिद्धांतों पर चलता है की बाबा एक बार कई लोगो को खाना खिलाते थे और उनके हाथो से बनाया हुआ खाना कभी कम नही होता था और कोई भुखा नही रह्ता था । इस किचन मै खाना बनाने के लिये सोलर प्लाट का इस्तमाल किया जाता है जिस के लिए छत पर बड़ी-बड़ी छतरी लगाई गई हैं। इस पूरे सेटअप को सोलर एनर्जी एक्सपर्ट दीपक गढ़िया की देखरेख में तैयार किया गया है।

02 June, 2017

तृतीया और चतुर्थी का शुभ संयोग कल, भगवती कूष्माण्डा की उपासना-आराधना का विधान है. इस विधि से करें मां की अराधना, नोट कर लें पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त, आरती और मां का भोग
मां के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा और चतुर्थी तिथि पर मां के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्माण्डा की पूजा- अर्चना की जाती है।
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है जाने पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, आरती और कथा
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति को अपने कार्य में सदैव विजय प्राप्त होता है
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र।
मा शैलपुत्री नाम शैलपुत्री कैसे पडा जाने पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण माता का नाम शैलपुत्री पड़ा
ऋषि पंच ऋषि पंचमी का व्रत पापों का नाश करने वाला व श्रेष्ठ फलदायी है
सभी महिलाएं व कन्याएं पूरी श्रद्धा भ्क्ति के साथ करना चाहिये । आज के दिन सप्तऋषियों का पूर्ण विधि-विधान से पूजन कर कथा श्रवण करने का महत्व है।
एक ऐसा मंदिर जहां प्रतिमा ही नहीं है , फिर भी लकवे की बीमारठीक होती है और दर्शन करने वालों का लगता है तांता
मान्याता है कि यहां सात दिन व सात रातों तक नियमित रूप से आरती एवं परिक्रमा करने एवं तत्प श्चासत भभूत ग्रहण करने से मरीजों की परेशानी दूर हो जाती है ।