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अजीबोगरीब परंपरा आपको हैरान कर देगी कि ये जनजाति के लोग मरने के बाद लाशों को खा जाते है

यानोमामी जनजाति : दुनिया में कई ऐसी जनजाति की प्रजाति हैं, उनकी कई अजीबो गरीब परम्परा है जो अपको हैरत मै डाल देगी और उनकी रीति रिवाजो के बारे आम जन अनजान ही नही बल्कि उसको कुछ भी नही मालुम है । और उनकी रीति-रिवाज और उअंकी सस्कृति पर भरोसा भी बडी ही मुश्किल से हो पाता है आखिर यह प्रजाति ऐसा क्यों करती है.
ऎसे ही एक प्रजाति साउथ अमेरिका में पाई जाती है द गार्जियन में छपी खबर के मुताबिक, साउथ अमेरिका के ब्राजील और वेनेजुएला में यानोमामी जनजाति जोकि यनम या सीनेमा के नाम से जाने जाते हैं. यह जनजाति यह जनजाति आजतक आधुनिक सभ्यता से कोसो दुर रह्ते हुए यह अपनी संस्कृति व परंपराओं का निभा रहैहै इसी कारण यह जनजाति अपने ही तरीके से रहना पसंद करते है.
इस जनजाति में अंतिम संस्कार करने का तरीका बड़ा ही अजीबोगरीब तरीका है. एंडो-केनिबलवाद कही जाने वाली जनजाति मै अजीब ही परंपरा है कि इस जनजाति के लोग का अपनी ही जनजाति के मृतकों के मांस खाने की अनोखी प्रथा हैं.
अमेजन वर्षावन में रहने वाले यानोमामी जनजाति का मानना है कि मौत के बाद शरीर के आत्मा को संरक्षित रखने की जरूरत होती है. उनका मानना है कि आत्मा को तभी शांति मिल सकती है, जब उसकी लाश पूरी तरह से जल जाए और उनके लाश को जीवित रिश्तेदारों द्वारा खाया जाए. यह जनजाति शव को जलाते हैं और जले हुए शरीर पर मुस्कान के साथ उनके चेहरे को पेंट कर देते हैं. इतना ही नहीं, ये गाना गाते हैं और रोते हुए अपने दुख को प्रगट करते हैं.

 

 

 

सौजन्य :

 

 

21 April, 2021

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एंडो-केनिबलवाद जनजाति में अंतिम संस्कार करने का तरीका बड़ा ही अजीबोगरीब है. यह जनजाति अपनी ही जनजाति के मृतकों के मांस खाने परम्परा है
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