Hindi News Portal
लाइफस्टाइल

Vastu Tips: जिंदगी में मुसीबतें नहीं चाहते हैं तो पूर्व दिशा में कभी ना बनवाएं शौचालय

वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे घर में शौचालय की दिशा के बारे में। आज हम आपको बतायेंगे कि घर की किस दिशा में शौचालय बनवाने से क्या होता है। आज सबसे पहले शुरूआत करते हैं- पूर्व दिशा से।

पूर्व दिशा में शौचालय बनवाने से आपके जीवन की गति गडबड़ा सकती है। आपके ऊपर मुसीबतों के बादल घिर सकते हैं। आपके बड़े बच्चे की तरक्की में बाधा हो सकती है। उसे अनेक दुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आपके पैरों में भी परेशानी हो सकती है। आपकी उन्नति का मार्ग अवरूद्ध हो सकता है। जीवन में एक ठहराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और जैसे रूका हुआ पानी सड़ जाता है, वैसे ही जीवन में ऊब महसूस होने लगती है। हमारे पैरों पर इस दिशा के शौचालय का बुरा असर पड़ सकता है और हर दिन सुबह 5 से 7 बजे के बीच हमें आवांछित स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

सौजन्य : इंडिया टीवी

24 November, 2019

भोपाल में दीपक और आशा ने बेटे के जन्म की खुशी में दवात पर 200 किन्नरों को बुलाकर भोज कराया ,किन्नरों ने बधाई गाई
अलग-अलग इलाकों में रहने वाले 100 से अधिक किन्नरों को अपने यहा आने की दावत दी
यह औरत केवल शादीशुदा पुरुषों से ही संबंध बनाती है कारण की ?
लंदन में रहने वाली एक मशुहर पूर्व मॉडल जो केवल सिर्फ शादीशुदा मर्दो से ही संबंध बनाती है. और कई पुरुष को अपना शिकार बना चुकी है
आज विश्वर सिंह दिवस है, उपराष्ट्रकपति और प्रधानमंत्री ने शेरों के संरक्षण के लिए काम कर रहे लोगों को शुभकामनाएं दी
यह सभी के लिए खुशी की बात है कि पिछले कुछ वर्षों से भारत में शेरों की संख्या में वृद्धि हो रही है
Time Traveller की भविष्यवाणी: अगले साल धरती पर आएंगे विशाल Aliens, US बनाएगा निशाना और छिड़ जाएगी जंग
एलियंस (Aliens) के अस्तित्व को लेकर अब तक भले ही कोई ठोस जानकारी सामने न आई हो, लेकिन दावे जरूर होते रहते हैं. अब खुद को टाइम ट्रैवलर बताने वाले एक शख्स ने भी एलियंस पर भविष्यवाणी की है. इस शख्स का कहना है कि सात फुट ऊंचे एलियंस अगले साल धरती पर आने वाले हैं.
पारसी समुदाय के लिए गुड न्यूज! Jiyo Parsi scheme का दिखाई दे रहा असर
साल 2011 में देश में पारसी समुदाय की कुल जनसंख्या 57000 थी। Jiyo Parsi scheme साल 2013-14 में शुरू की गई थी। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा समर्थित इस योजना में इस साल 22 अतिरिक्त जन्म हुए हैं, जिसमें नवजात शिशुओं की संख्या जून तक 321 है।